Saturday, June 3, 2017

भारतीय सिविल सेवा परीक्षा विद्यार्थियों के साथ सबसे बड़ा धोखा


मेरे बिचार से भारत जैसे देश में सिविल सेवा परीक्षा विद्यार्थियों के लिए सबसे बड़ा धोखा है।
अब जरा गौर करें कि कितने विद्यार्थी इस परीक्षा में बैठते हैं।  उनका कितना समय इसमें लगता है।  कितने लोगों का  प्रयास सार्थक होता है।  कुल समय का कितना प्रतिशत समय सार्थक होता है। उन विद्यार्थियों पर क्या गुजरती है जो सारा प्रयास करने के बावजूद असफल  हो जाते हैं।
साथ के अभ्यर्थी जो तुलनात्मक रूप से कम  सक्षम होते हुए भी आई  ए  एस  बन जाते हैं और दूसरे जो अच्छी जानकारी रखते हुए भी पूरी  जिंदगी घुट घुट कर जीते हैं।
इन सभी पहलुओं पर ध्यान देने से ऐसा लगता है कि इस सेलेक्शन प्रक्रिया में व्यापक बदलाव की जरुरत है।